शनिवार, 1 जुलाई 2017

विजय रंजन : एक परिचय






जीवनवृत्त

नाम : विजय रंजन ( मूल नाम विजयप्रताप सिंह, लेखकीय उपनाम ‘रंजन’।
 नाम में ‘सिंह’ एक सम्माननीयपारिवारिक उपाधि’ जिसे महाराजा बप्पा रावल द्वारा विजय रंजन के तत्कालीन पूर्वज (महाराजा बप्पा रावल के सेनापति) को युद्ध में असाधारण वीरता के लिए प्रदान किया गया था। तभी से जन्मना जाति से श्रीवास्तव कायस्थ होते हुए भी मूल नाम में पारिवारिक उपाधि ‘सिंह’ सम्मिलित। ‘रंजन’ साहित्यिक उपनाम। संक्षिप्तीकरण हेतु नाम वी॰पी॰एस॰ रंजन, वी॰पी॰ रंजन, तदन्तर ‘विजय रंजन’ दीर्घकाल से प्रचलित।)
जन्मतिथि  : 17-5-1949 (सत्रह मई उन्नीस सौ उन्चास),   जन्म-स्थान: गोण्डा (उत्तर प्रदेश)
माता-पिता : (स्वर्गीय) विद्यावती देवी, (स्वर्गीय) कृष्णप्रताप सिंह
शैक्षिक योग्यता:  1974 में बी॰ एससी॰, तृतीय श्रेणी, गोेरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, 
                           1978 में एलएल॰ बी॰, द्वितीय श्रेणी, अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद 
व्यवसाय   : (1) 1985 से अधिवक्ता: दीवानी,/श्रम/आयुक्त न्यायालय, फैजाबाद
                    (2) ग्राम बनगवाँ (जनपद गोण्डा) में कृषि-कार्य

                                 साहित्यिक कृतित्व
(क) प्रकाशित मौलिक कृतियाँ -
कहानी संग्रह -     1. सूरज की आग (1981),   2. उभरते बिम्ब (2013).   
कविता संग्रह -  .   1. हाशिये सेे (1986),    2. किर्चें (2009)   3. दर्पण तीरे  (हिन्दी गजल संग्रह) (2021)
समालोचना कृतियाँ -    
                      1. साहित्यिक तुला पर वाल्मीकि-रामायण (2012) 
                       2. रसवाद  औ..र  नयरस (2014) 
                       3. कविता का पश्यन्ती निकष   :    नयत्व (2014)
                      4. कविता क्या है (2015)
                      5. क्या है भारत  क्या है भारतीयता (2019)
                      6. राम पर आक्षेप   : कितने अनुचित कितने उचित (2020), (द्वितीय संस्करण 2024)
                      7. भारतीय राष्ट्रवाद का क ख ग (2022), (द्वितीय संस्करण 2024)
                      8. आदि-महाकवि वाल्मीकि के 10 अप्रतिम साहित्यिक अवदान (2025)

                                                               प्रकाशित मौलिक स्वरचित कृतियाँ   : 13 


(ख) शीघ्र प्रकाश्य मौलिक कृतियाँ -
                          पाण्डुलिपित कृतियाँ (प्रेस में) - 
                     1. आदिश्लोक के निहितार्थ 
                     2. राम सरिस कोउ नाहीं
                          पाण्डुलिपित कृतियाँ -  
1. भारतीय राष्ट्रवाद   : एक विशिष्ट विमर्श
2. भारत और भारतीयता   : एक विशिष्ट विमर्श
3. सनातन धर्म  : एक विशिष्ट दृष्टि  
4. भारतीय शिक्षा-व्यवस्था   : सैद्धान्तिक एवं व्यवहारिक पक्ष
5. विश्वविजय-पथ पर हिन्दी
6. गोस्वामी तुलसीदास का स्वान्तःसुखाय  
7. वातायन से (निबन्ध-संग्रह)    
8. गीत तुम्हारे नाम  (गीत-नवगीत संग्रह)
9. एक मुट्ठी आकाश (अकविता संग्रह)
10. टुकड़े-टुकड़े  (लघुकथा संग्रह) 

(ग) मौलिक  कृतियाँ प्रणयन  गतिमान -
         समालोचना कृतियाँ-
1. भारतीय राष्ट्रवाद   : क्यों औ..र कैसे 
2. भारतीय संस्कृति के आदि-महागायक वाल्मीकि का कालखण्ड
3. भारतीय न्याय-व्यवस्था   : सैद्धान्तिक और व्यवहारिक पक्ष 
4. साहित्य का क ख ग      
5. अयोध्या के बहाने से
6. रामत्व और हमारा समय  
7. कायस्थ कौन  
8. भारतीय संस्कृति   : एक विशिष्ट दृष्टि  
9. राष्ट्रवाद औ...र हमारे राजनेता 
10. वाल्मीकि, तुलसी और कबीर के राम 
11. अक्षर-आराधना के प्रकाशस्रोत
12. तुलसी का जीवन-दर्शन 
13. आतंकवाद    : कारण और निवारण
14. आवाज (ज्ञापन सह आलेख-संग्रह)

      समीक्षा कृति -     आर-पार  
      साक्षात्कार-संग्रह -  आमने-सामने 
      आलेख-संग्रह - 1. दृष्टि-उन्मेष,  2. आँगन में,  3. दीवार के पार,  4. आस-पास,  5. फुलवारी,                                               6. दहलीज पर, 7. झरोखों  से, 8. गवाक्षों से       
      उपन्यास-         1. आगमन, 2. तलाश, 3. टकराव,  4. नौ बहनें 
      कहानी संग्रह -    1. धरती क्षितिज में,   2. प्रतिशोध 

                                                 प्रणयन गतिमान मौलिक स्वरचित कृतियाँ :  30

             कुल मौलिक स्वरचित कृतियाँ: 13 + 12 + 30 = 55 


(घ) सम्पादित कृतियाँ -
                         प्रकाशित संपादित कृतियाँ - 
      1. नवकहानियाँ ...................... कहानी संकलन (1981)   
      2. प्रश्नोत्तर  ..........................  काव्य-संग्रह (1990) 
                        अप्रकाशित संपादित कृतियाँ -    
   1. गाँधी सर्वदा प्रासंगिक 
   2. समाजचेता कबीर 
   3. अप्रतिम समाजवादी आचार्य नरेन्द्रदेव
   4.ज्योतिपुंज विवेकानन्द 
   5. लघुकथा  : क्या, क्यों, कैसे  
   6. हिन्दी गजल  : क्या, क्यों, कैसे 
   7. बाल-साहित्य  : क्या, क्यों, कैसे
   8. विज्ञान-कथा: क्या, क्यों, कैसे  
   9. भारतीय समाजवादी आन्दोलन के शक्तिपुंज
   10. नवगीत  : क्या क्यों कैसे
   11. पूर्वोत्तर भारत का साहित्यिक सांस्कृतिक परिदृश्य 

                                                               कुल सम्पादित कृतियाँ: 13     


       कुल स्वरचित एवम् सम्पादित कृतियाँ   : 55 + 13 = 68                                             



(च) स्फुट प्रकाशन 

1965 से साहित्यिक लेखनारम्भ। 1965 से साप्ताहिक ‘विचारभारती’ (गोण्डा) से पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश। जी॰वी॰एम॰ इण्टर  कालेज की कालेज-पत्रिका (1965-66) ‘ज्योति’ में प्रथम रचना (आलेख) प्रकाशित। अवध-अर्चना समाचारपत्र, नवजीवन, कुबेर टाइम्स, जनमोर्चा, चौथी दुनिया, गाण्डीव, स्वतंत्र भारत, नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण, आज, अमृत प्रभात, नए लोग, साकेत शोभा, विश्वसेतु, आज की सभ्यता, टाण्डा-दर्पण, युगगति, जनसंदेश टाइम्स आदि समाचारपत्र एवं अवध-अर्चना त्रैमा॰, भारतीय रेल, उत्तर प्रदेश, योजना, नूतन कहानियाँ, भाषा, साहित्य भारती, छायाकार, विवेकवाणी, फिल्मी दुनिया, सूरज, अमिता, ज्ञानवापी, मंगलदीप, सुवर्णी, तुलसीदल, समकालीन अभिव्यक्ति, समान्तर, शब्दशिखर, अक्षरपर्व, शिक्षा-साहित्य, शुक्रवार, स्वतंत्र भारत सुमन, पूर्वापर, अभिनव प्रसंगवश, मानस संगम, खोज, सोच विचार, वागर्थ, साहित्य अमृत, राष्ट्रभाषा सन्देश, चिन्तन सृजन, मधुमती, वीणा, कंचनलता, प्राची, भावक, शैक्षिक उन्मेष, अक्षरा, मानस भारती, आधारशिला, उत्तर प्रदेश सन्देश, अभिदेशक, मंगलायन, भारत-दर्शन (न्यूजीलैण्ड), वसुधा (कनाडा),  स्पाइल (नार्वे) आदि विभिन्न पत्रिकाओं में लघुकथा, कहानी, आलेख, कविता, समीक्षा, रिपोर्ताज, फीचर आदि विभिन्न विधाओं की 500 से अधिक रचनाएँ प्रकाशित।

(छ) पत्र-पत्रिकाओं का संपादन-प्रकाशन, सह-सम्पादन/सम्बद्धता  : 

                                            सम्पादन-प्रकाशन 
# 2 अक्टूबर 1976 से ‘अवध-अर्चना’ मासिक समाचार-पत्र का संपादन-प्रकाशन। 
# जनवरी 1977-1989 में ‘अवध-अर्चना’ साप्ता॰ समाचारपत्र का संपादन-प्रकाशन। 
# अप्रैल 1995 से अद्यतन ‘अवध-अर्चना’ त्रैमासिक का अनवरत संपादन। 
 - अवध-अर्चना त्रैमा॰ के अनेक चर्चित विशिष्ट अंक। यथा:- 
-  तुलसी अंक, गाँधी अंक, विवेकानन्द अंक, आचार्य नरेन्द्रदेव अंक, लघुकथा अंक, बालसाहित्य अंक, हिन्दी गजल अंक, अयोध्या अंक, कबीर अंक, विज्ञानकथा अंक, उपयोगी विज्ञान अंक, भारतीय समाजवादी आन्दोलन के तीन शक्तिपुंज अंक, राजभाषा अंक, पूर्वोत्तर भारत अंक  1, पूर्वोत्तर भारत        अंक 2 एवं  नवगीत 2021 अंक का प्रकाशन।
- पत्रिका  ‘अवध-अर्चना’ R.N.I.,    I.S.S.N.  द्वारा सूचीबद्ध। 
- अवध-अर्चना पत्रिका  उ॰ प्र॰ हिन्दी संस्थान लखनऊ से पुरस्कृत। 
- पत्रिकाwww.awadharchana.com  पर अंक 93 से उपलब्ध।

                                             सहसम्पादन / सम्बद्धता
1965-66 में ‘विचारभारती’ (साप्ताहिक), 1975-85 में ‘छात्रमोर्चा (समाचार-पत्र)’, ‘साकेत शोभा’ (दैनिक),‘अवध शोभा’ (दैनिक) एवं ‘सुवर्णी’ (पत्रिका), से सम्बद्ध। पत्रिका ‘शिक्षा-संवाद’ एवं ‘शिक्षा साहित्य’ (फैजाबाद), ‘लोकमंगल’ (ग्वालियर) के विशिष्ट सहयोगी। वर्तमान में पत्रिका ‘चेतनता’ (गोरखपुर) के परामर्शदाता। 1975 में ‘युगगति’ (साप्ताहिक), 1994 में ‘अवधी’ (पत्रिका), 1995-97 ‘तुलसीदल’ (पत्रिका), में सह-संपादन।

(ज) विजय रंजन को जनपदीय, प्रदेशीय और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित साहित्यिक समारोहों, विचार-संगोष्ठियों, सेमिनार, वेबिनार में तथा कवि-सम्मेलन, आकाशवाणी आदि के मंचों पर व्याख्यान-वक्तृता एवं रचना-पठन हेतु सहभागिता प्रदान की गई। उन्हें विद्यालयीय, महाविद्यालयीय, विश्वविद्यालयीय स्तर के साहित्यिक व्याख्यान समारोहों में भी सहभागिता का ससम्मान अवसर मिला। यथा-

 * विविध व्याख्यान 

1. वर्ष 1997 में ‘साहित्य परिषद का॰ सु॰ साकेत पी॰ जी॰ महाविद्यालय फैजाबाद में ‘तुलसी का जीवन-दर्शन’ विषय पर।
2. वर्ष 1997 में अवध-अर्चना प्रकाशन फैजाबाद के तत्त्वावधान में प्रेस-क्लब फैजाबाद में ‘गजल और हिन्दी गजल’ विषय पर।
3. वर्ष 1998 में सेनानी परिषद विद्यालय, हल्द्वानी में ‘आचार्य नरेन्द्रदेव की प्रासंगिकता’ विषय पर।
4. वर्ष 2000 में डॉ॰राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद में ‘सामाजिक विकास में विधि का योगदान’ विषय पर।
5. वर्ष 2003 में डॉ॰ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद में ‘भारतीय इतिहास का विकृतिकरण’ विषय पर।
6. वर्ष  2006 में कबीर संस्थान जीयनपुर में ‘कबीर आज भी उपयोगी’ विषय पर।                              
7. वर्ष 2008 में अवध भारती हैदरगढ़ बाराबंकी में ‘अवधी भाषा-साहित्य   : विविध संदर्भ’ विषय पर।  
8. वर्ष 2008 में अवध-अर्चना प्रकाशन फैजाबाद के तत्त्वावधान में  फैजाबाद  में  ‘आज का दौर और कविता’ विषय पर। 
9. वर्ष 2012 में रामकथा संग्रहालय अयोध्या में वाल्मीकि के राम विषय पर।
10. वर्ष 2014 में कथा समवेत-संवाद समारोह, सुल्तानपुर में ‘समय, समाज और हिन्दी कहानी’ विषय पर। 
11. वर्ष 2015 में फैजाबाद पुस्तक मेला में ग्रेटर रोटरी क्लब  के तत्वावधान में  ‘लघुकथा-लेखन’ विषय पर।
12. वर्ष 2016 में साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा, राजस्थान के समारोह में ‘भारतीय संस्कृति की संवाहक विश्वभाषा हिन्दी तथा उसका राजभाषा स्वरूप’ विषय पर।
13. वर्ष 2018 में ‘श्रीभागवत अकादमी’ एवं साहित्यिक संस्था ‘संभव’ फैजाबाद-अयोध्या के तत्त्वावधान में  ‘अवध-अर्चना’ कार्यालय पर ‘राष्ट्रवाद आवश्यक क्यों’ विषय पर।
14. वर्ष 2018 में राजा मोहन गर्ल्स पी॰ जी॰ कालेज, फैजाबाद-अयोध्या में राजा मोहन गर्ल्स पी॰ जी॰ कालेज, फैजाबाद अयोध्या के तत्त्वावधान में ‘राष्ट्रवाद की प्रासंगिकता’ विषय पर।
15. वर्ष 2019 में डॉ॰ रा॰ लो॰ अवध-विश्वविद्यालय, फैजाबाद में डॉ॰राम मनोहर लोहिया अवध-विश्वविद्यालय, फैजाबाद- अयोध्या (उ॰प्र॰) और कौण्डिन्य साहित्य सेवा समिति, सुल्तानपुर के तत्त्वावधान में ‘अभिज्ञानशाकुन्तलम् और कामायनी के तुलनात्मक संदर्भ’ विषय पर।
16. वर्ष 2020 के माह जुलाई में बाबू मुकुटबिहारी जैन महाविद्यालय एवं अन्तर राष्ट्रीय साहित्य कलामंच, भारतवर्ष के तत्त्वावधान में ‘सांस्कृतिक प्रदूषण  : समस्या और समाधान’ विषय पर अन्तर राष्ट्रीय वेब-गोष्ठी में व्याख्यान।
17. वर्ष 2020 के माह जुलाई में ‘रामकथा का वैश्विक प्रस्तार’ विषय पर साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था मुम्बई के तत्त्वावधान में आयोजित वेबिनार में व्याख्यान।
18.  25 सितम्बर 2020 को ‘हिन्दुस्तान हॉटलाइन न्यूज’ टी॰वी॰ द्वारा लाइव प्रसारण: ‘रामकथा का वैश्विक प्रस्तार’ विषय पर व्याख्यान। यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध।
19. 4 अक्टूबर 2020 को विश्वयात्रा टाइम्स टी॰वी॰चैनल पर ‘रामकथा का वैश्विक प्रस्तार और रामत्व की प्रासंगिकता’ विषय पर व्याख्यान का लाइव प्रसारण। यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध।
20. 14 मई 2021 को ‘परीक्षित सेवा संस्थान, अमेठी’ के तत्त्वावधान में आयोजित वेबिनार में ‘परशुराम जयन्ती’ पर वेबिनार में ‘परशुराम जी का अवदान’ विषय पर व्याख्यान। यू-ट्यूब पर भी उपलब्ध। 
21. 22 फरवरी 2022 को बी॰ बी॰ सी॰ चैनल के लिए ‘अयोध्या का वर्तमान भारतीय राजनीति पर प्रभाव’ विषय पर बी॰ बी॰ सी॰ संवाददाता सुश्री सुरेखा द्वारा वार्त्ता। 
22. 4 अप्रैल 2022 को जम्बू टॉक्स चैनल एवं यू ट्यूब पर ‘राम और रामत्व’ विषय पर ‘रामत्व सर्वाधिक प्रासंगिक’ शीर्षक से आयोजक श्री निधीश गोयल द्वारा आयोजित सुदीर्घ वार्त्ता।
23. 24. 04. 2022 को हंसराज महाविद्यालय, दिल्ली के प्रो॰ डॉ॰ सुधांशु शुक्ल द्वारा आयोजित ‘एक भारत’ व्याख्यान शृंखला में ‘क्या है भारत क्या है भारतीयता’ विषय पर व्याख्यान।
24. 17.12.2023 में न्यायमूर्ति श्री महेन्द्र भीष्म के संयोजकत्व में ‘कृति और कृतिकार पं॰ बृजमोहन अवस्थी स्मृति संस्थान लखनऊ, और ‘नेताजी सुभाष संगठन, फैजाबाद’ द्वारा आयोजित कृति और कृतिकार संवाद-3 में ‘साहित्य कैसे’ विषय पर व्याख्यान।
25. 23.06.2024 को चित्रकूट में वैश्विक साहित्यिक सांस्कृतिक एवं ज्योतिष शोध संस्था कानपुर, हिन्दी युनिवर्स फाउण्डेशन नीदरलैण्ड तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के तत्त्वावधान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में ‘रामत्व का अंगीकार आवश्यक’ विषय पर व्याख्यान।
25. 20.10.2024 को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना के 43वें महा-अधिवेशन के अवसर पर ‘साहित्य के समक्ष नए प्रश्न’ विषय पर व्याख्यान। 
26. 29.12.2024 को सोशल एण्ड मोटिवेशनल ट्रस्ट, नई दिल्ली के तत्त्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी अयोध्या में विशिष्ट अतिथि के रूप में ‘साहित्य क्या है’ विषय पर व्यख्यान।  
27. 3.1.2025 को हिन्दुस्तानी अकादमी, प्रयागराज के तत्त्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी अयोध्या में विशिष्ट अतिथि के रूप में ‘महात्मा बनादास का अवधी साहित्य में योगदान’ विषय पर अयोध्या में व्याख्यान।
28. 11.5.2025 को पूर्वापर संस्थान गोण्डा के तत्त्वावधान में लालबहादुर शास्त्री पी॰ जी॰ कालेज गोण्डा में आयोजित संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में ‘आतंकग्रस्त विश्व और साहित्य’ विषय पर व्याख्यान।

* कवि-सम्मेलन में सहभागिता  : कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, ग्वालियर, आगरा, इलाहाबाद, गोण्डा, फैजाबाद, सुल्तानपुर, चित्रकूट, पटना आदि में विभिन्न काव्य मंचों पर काव्यपाठ
                        
* रचना-प्रसारण 
    - 1977-1985 आकाशवाणी लखनऊ से अनेक रचनाएँ प्रसारित। 
     - 1996-2024 आकाशवाणी अयोध्या से कविता, कहानी, ‘साहित्य और सेवायोजन’ सदृश आलेख प्रसारित। 
आकाशवाणी अयोध्या से 19 जून 2023 को ‘वर्तमान युग में योग की प्रासंगिकता’ विषय पर, नवीनतमतया 21 मार्च 2024 को ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्: विशुद्ध भारतीय अवधारणा’ विषय पर और  21 नवम्बर 2024 को ‘शान्तिकामी, सात्त्विक भारतीय राष्ट्रवाद’ विषय पर वार्त्ताएँ प्रसारित।         

(झ) विशेष उपलब्धियाँ  

॰ श्री विजय रंजन को द्वितीय विश्व हिन्दी सम्मेलन, मारीशस के लिए कार्यकारी उच्चायुक्त मारीशस उच्चायोग नई दिल्ली द्वारा आमन्त्रित किया गया परन्तु अपरिहार्य निजी कारणों से वे सहभागिता करने से वंचित रहे। 
॰ श्री रंजन को  नेहरू सेन्टर, भारतीय उच्चायोग, लन्दन की डॉ॰ दिव्या माथुर द्वारा अनेक बार आमन्त्रित। तत्समय अस्वस्थ होने के कारण सहभागिता नहीं। 
॰ दैनिक समाचार-पत्र हिन्दुस्तान फैजाबाद संस्करण तथा वर्ष 2018 में दैनिक जागरण आगरा संस्करण में एवं दैनिक जागरण की वेबसाइट में साक्षात्कार प्रकाशित। 
॰ वर्ष 2020 में हिन्दी दिवस पर ई-टी॰वी॰ भारत द्वारा विजय रंजन के सम्बन्ध में एक फीचर प्रकाशित। 
॰ वर्ष 2020 में ‘साहित्यिक सांस्कृतिक शोध-संस्था, मुम्बई’ द्वारा प्रकाश्य ‘श्रीरामकथा विश्वकोश’ में उपसम्पादक एवं उपसमन्वयक मनोनीत।
॰ विजय रंजन के साहित्यिक अवदान पर शोध-छात्र मोहन गिरि द्वारा पीएचडी॰ उपाधि हेतु शोध-कार्य गतिमान।
॰ विजय रंजन के साहित्यिक अवदान पर डॉ॰ शिवम् तिवारी द्वारा डी॰ लिट्॰ उपाधि हेतु शोध प्रस्तावित।
॰ विजय रंजन के साहित्यिक कृतित्व पर विकास पाण्डेय (छात्र, लाल बहादुर शास्त्री पी॰ जी॰ कालेज, गोण्डा)   का लघु शोध-प्रबन्ध अवध वि॰वि॰द्वारा स्वीकृत। 
॰ विजय रंजन के कृतित्व पर एक कृति ‘समीक्षा के निकष पर विजय रंजन’ (2021) संपादकगण डॉ॰ महेश दिवाकर, डॉ॰ शिवम् तिवारी, डॉ॰ जयति देवी, डॉ॰ स्वाति रस्तोगी, प्रकाशक: विश्व पुस्तक प्रकाशन, नई दिल्ली प्रकाशित। कृति ब्लॉग  : www.awadharchanafaizabad.blogspot.com  पर उपलब्ध।
॰ विजय रंजन के कृतित्व पर एक कृति ‘अप्रतिम साहित्यसेवी विजय रंजन’ (2024), संपादक पवन बख्शी (इतिहासज्ञ), प्रकाशित। कृति ब्लॉग : www.awadharchanafaizabad.blogspot.com पर उपलब्ध।
॰ तत्सदृश एक अन्य पुस्तकें प्रणयनाधीन।
॰ विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पत्रिका ‘चेतनता’ में आलेख प्रकाशित। 
॰ विजय रंजन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पत्रिका ‘पूर्वापर’ (सम्पादक डॉ॰ सूर्यपाल सिंह) का अंक प्रकाशित।
॰ विजय रंजन की कृति ‘राम पर आक्षेप  : कितने अनुचित कितने उचित’ पर भोपाल की प्रोफेसर डॉ॰कुसुमलता केडिया द्वारा दो एपिसोड समीक्षात्मक विवेचना जम्बो टॉक चैनल पर प्रसारित। यू॰ट्यूब पर उपलब्ध।   
॰ केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा के डॉ॰ उमापति दीक्षित द्वारा विजय रंजन की कृति ‘राम पर आक्षेप    : कितने अनुचित कितने उचित’ की प्रशंसा को अपने अन्तर्राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया गया। 
॰ अहमदाबाद गुजरात के ख्यात लेखक डॉ॰ विजय कुमार तिवारी द्वारा ‘राम पर आक्षेप  : कितने अनुचित कितने उचित’ को अपनी अन्तर्राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से प्रसारित किया गया।
॰ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा विजय रंजन की प्रेरणा से वर्ष 2024 में एक सेमिनार भारतीय राष्ट्रवाद विषय पर आयोजित किया गया।

(य) विजय रंजन जनपदीय, प्रदेशीय, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सारस्वत सम्मान से अलंकृत भी किए गए -                                     अन्तर्राष्ट्रीय स्तरीय सम्मान 3

2024 में ‘लाइफटाइम एचीवमेंट्स एवार्ड 2024’ द्वारा  वैश्विक साहित्यिक सांस्कृतिक एवं ज्योतिष शोध संस्था कानपुर, हिन्दी युनिवर्स फाउण्डेशन नीदरलैण्ड तथा इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक
2003 में अमेरिकन बॉयोग्राफिकल इंस्टीट्यूट अमेरिका के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मानद सदस्यता हेतु मनोनीत
1998-2009 में अमेरिकन बॉयोग्राफिकल इंस्टीट्यूट अमेरिका द्वारा मैन ऑफ द ईयर के लिए अनेक बार चयनित 

                                    राष्ट्रीय सम्मान 10

2025  में हिन्दुस्तानी अकादमी, प्रयागराज के तत्त्वावधान मंे ‘सारस्वत सम्मान 2025’ 
2024  में बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना से ‘फणीश्वरनाथ रेणु सम्मान 2024’
2024  में सोशल एण्ड मोटिवेशनल ट्रस्ट, नई दिल्ली से ‘सारस्वत सम्मान 2024’  
2018  में विद्यावाचस्पति सम्मान द्वारा विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ भागलपुर बिहार
2018 में साहित्य भूषण सम्मान 2016 द्वारा उ॰ प्र॰ हिन्दी संस्थान लखनऊ
2016 में  हिन्दी साहित्य विभूषण 2016 सम्मान द्वारा साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा राजस्थान  
2015 में स्वामी विवेकानन्द पत्रकार रत्न 2015 द्वारा भारतीय वाङ्मयपीठ कोलकाता पश्चिम बंगाल
2015 में  साहित्य शिरोमणि 2015 द्वारा भारतीय वाङ्मय पीठ कोलकाता पश्चिम बंगाल
2002 में प्रेमचन्द लेखक पुरस्कार 2002 द्वारा महाराष्ट्र दलित साहित्य अकादमी भुसावल महाराष्ट्र
1998 में साहित्य मार्त्तण्ड सम्मान1998  द्वारा भारतीय हिन्दी भाषा सम्मेलन भागलपुर बिहार

                      प्रदेश स्तरीय सम्मान 8

2023 में कृति और कृतिकार सम्मान 2023 द्वारा नेताजी सुभाष संगठन, पं॰बृजमोहन अवस्थी स्मृति संस्थान लखनऊ 
2023 में डॉ॰ शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान 2023 द्वारा बैसवाड़ा शोध संस्थान लालगंज रायबरेली 
2017  में साहित्य मार्त्तण्ड 2017 द्वारा साहित्यिक सांस्कृतिक कला संगम परियावाँ प्रतापगढ़ 
2015   में  सरस्वती पुरस्कार 2014 द्वारा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ
2013   में भाषा-भूषण अलंकार 2013 द्वारा सरिता लोकसेवा संस्थान सुल्तानपुर 
2008   में अवधश्री सम्मान 2008 अवध भारती हैदरगढ़ बाराबंकी
2003   में साहित्य-प्रवीण 2003 मानद उपाधि द्वारा राष्ट्रभाषा प्रचार परिषद प्रयाग 
1978  में  दुलारेलाल भार्गव सम्मान 1978 द्वारा अगीत परिषद लखनऊ 

                      जनपद स्तरीय सम्मान 15

2025 में सारस्वत सम्मान 2025 द्वारा सपना फाउन्डेशन फैजाबाद
2025 में साहित्यश्री सारस्वत सम्मान 2025 द्वारा पूर्वापर संस्थान गोण्डा 
2024 में सृजनसम्मान 2024 द्वारा जनसाहित्य परिषद एवं जगदीश राय मेमोरियल फाउन्डेशन, मकसूदपुर, फतुहा, पटना
2024 में सारस्वत सम्मान द्वारा महन्थ डॉ॰ मदनगोपाल प्रभारी प्रमुख मन्दिर कामतानाथ कामद्गिरि चित्रकूट धाम
2022 में राष्ट्रकवि दिनकर सम्मान 2022 द्वारा आखर आखर अन्तर्राष्ट्रीय वेब पत्रिका    
2021 में अवध गौरव सारस्वत सम्मान 2020 द्वारा महर्षि वाल्मीकि फाउण्डेशन अयोध्या
2021  में सारस्वत सम्मान द्वारा बी॰ एन॰ के॰ बी॰ स्नातकोत्तर महाविद्यालय अकबरपुर अम्बेडकरनगर 
2021  में सारस्वत सम्मान द्वारा श्री गुरु वशिष्ठ गुरुकुल विद्यापीठ अयोध्या  
2019  में राष्ट्रगौरव सम्मान द्वारा कौण्डिन्य समिति सुल्तानपुर 
2019  में सारस्वत सम्मान 2018 द्वारा राजा राममोहन गर्ल्स पी॰ जी॰ कालेज फैजाबाद अयोध्या  
2018  में फैजाबाद रत्न सम्मान 2018 द्वारा अयोध्या महोत्सव समिति फैजाबाद  
2015  में आपस सम्मान द्वारा आचार्य विश्वनाथ पाठक शोध संस्थान फैजाबाद 
2014  में हिन्दी गौरव सम्मान द्वारा हिन्दी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान अयोध्या 
2013  में डॉ॰राधिकाप्रसाद स्मृति सम्मान द्वारा साकेत नाट्यम् फैजाबाद  
2010  में साकेतन सम्मान द्वारा साकेतन साहित्यिक संस्थान फैजाबाद
2003  में प्रेमचन्द सम्मान 2003 द्वारा अखिल भारतीय कायस्थ सभा फैजाबाद
2003  में आचार्य नरेन्द्रदेव स्मृति सम्मान द्वारा सेवा समिति फैजाबाद
                                                    

(र) विजय रंजन द्वारा अवदानित विशिष्ट साहित्यिक सांस्कृतिक प्रत्यय -

  * कृति ‘भारतीय राष्ट्रवाद का क ख ग’ में भारतीय राष्ट्रवाद के विविध पक्षों के तर्कसंगत विवेचन समेत शान्तिकामी, सात्त्विक ‘भारतीय राष्ट्रवाद’ की सैद्धान्तिकी सम्प्रस्तुत। राष्ट्र ऋण नामक नवीन जन्मजात ऋण का प्रत्यय प्रस्तावित। 
* कृति ‘क्या है भारत क्या है भारतीयता’ में भारत, भारतीयता के नामकरण का आधार, प्रकृति, प्रवृत्ति आदि की सैद्धान्तिकी सम्प्रस्तुत। 
   * कृति ‘राम पर आक्षेप : कितने अनुचित कितने उचित’ में भारतीय संस्कृति और भारतीय संस्कारों के आप्तपुरुष, मर्यादा पुरुषोत्तम और अंततः ‘भगवान्’ बनने वाले दाशरथि श्री राम पर विजड़ित आरोपों का सतर्क खण्डन सम्प्रस्तुत। 
  * कृति ‘राम सरिस कोउ नाहीं’ में मानव-इतिहास के अद्यतन मान्य जननायकों के सापेक्ष श्री राम की अप्रतिमता रेखायित।
   * कृति ‘साहित्यिक तुला पर वाल्मीकि रामायण’ में देशज-विदेशज काव्य-निकषों पर वाल्मीकि की श्रेष्ठता रेखांकित।
 * कृति ‘रसवाद औ...र नयरस’ में काव्य-रसवाद की अद्यतन विसंगतियों का निवारण करते हुए ‘खीरा सिर ते काटिए....’ जैसे अपराध-विवेचन सह दण्ड का विधान एक साथ प्रस्तुत करने वाली नयवादी कविताओं के लिए एक नवीन काव्यरस नय रसप्रस्तावित।
  * कृति ‘कविता का पश्यन्ती निकष : नयत्व’ में पाश्चात्य नव्य-समीक्षा आदि के बजाय काव्य-नयवाद की पश्यन्ती भारतीय संचेतना को साहित्यिक समालोचना का आधार बनाने का प्रस्ताव सम्प्रस्तुत।  
* कृति ‘कविता क्या है’ में कविता के ‘क्या, क्यों, कैसे’ समेत कविता-सम्बन्धी 850 परिभाषाओं के विवेचन तथा कविता की नवीन सारवान् परिभाषा सम्प्रस्तुत।  
 * कृति ‘आदि-महाकवि वाल्मीकि के 10 अप्रतिम साहित्यिक अवदान’ में ‘बिम्बवाद’, ‘लोकवाद’, ‘मानववाद’, ‘नारी-विमर्श’, ‘प्रकृतिवाद’, ‘राष्ट्रवाद’ आदि प्रत्ययों के प्रथम प्रयोक्ता के रूप में आदि-महाकवि वाल्मीकि के अवदानों का तर्कसंगत रेखायन।       
  * कृति ‘तुलसी का स्वान्तः सुखाय’ में लोकमंगल के महाकवि तुलसी के साहित्यिक सांस्कृतिक अवदान और उनसे सम्बन्धित अति विवादित प्रश्न ‘तुलसी की जन्मभूमि’ पर निष्कर्षात्मक आलेख सम्प्रस्तुत।
   * कृति ‘वातायन से’ में धर्म, दर्शन, संस्कृति, शिक्षा, राष्ट्रवाद, साहित्य आदि विषयों पर प्रतिमानक आलेख सम्प्रस्तुत।
  * दो कहानी-संग्रहों में, 1. सूरज की आग 2. उभरते बिम्ब में, उद्देश्यपरक, दिशाबोधक कहानियाँ संगृहीत।
   * तीन कविता-संग्रहों में 1. हाशिये से, 2. किर्चें, 3. दर्पण तीरे में राष्ट्रीय, सामाजिक, साहित्यिक एवं मनोवैज्ञानिक संवेदनाओं से आभरित गीत, नवगीत, गजल, हिन्दी गजल, अकविता संगृहीत। 
* स्फुट लेखन में साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी विषयों पर संकेन्द्रित लेखन। 
*अन्तर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में वसुधा (कनाडा), भारत दर्शन (न्यूजीलैण्ड), स्पाइल (नार्वे ) , राष्ट्रीय पत्रिकाओं अक्षरा (भोपाल), तुलसी मानस भारती (भोपाल), मंगलायन (भोपाल), आधारशिला (चण्डीगढ़), चिन्तन सृजन (दिल्ली), साहित्य भारती (लखनऊ), उत्तर प्रदेश (लखनऊ), राष्ट्रधर्म (लखनऊ), हिन्दुस्तानी (प्रयागराज), अभिदेशक (सुल्तानपुर), पूर्वापर (गोण्डा), शुभोदय (बुलन्दशहर), चेतनता (गोरखपुर), हिन्दी विवेक (मुम्बई) आदि, भारतीयता पर संकेन्द्रित अनेक आलेख प्रकाशित। 
 * पत्रिका ‘अवध-अर्चना’ में साहित्यिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विषयों पर आलेख सम्पादित, प्रकाशित। ऐसे विषयों पर बीसेक विशेषांक प्रकाशित।
  * सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक विषयों पर अनेक संगोष्ठी, सम्मेलन आदि का आयोजन। 
   *अन्य विद्वानों/संस्थानों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक विषयों पर आयोजित अनेक संगोष्ठियों में सक्रिय सहभागिता। 
 

(ल) अतिरिक्त साहित्यिक, सांस्कृतिक एवम् सामाजिक अवदान 

* राष्ट्रीय शिक्षा-नीति, रामजन्मभूमि-मन्दिर विवाद, अयोध्या धर्म-महासम्मेलन के आयोजन सदृश अनेक लोकसरोकारित विषयों पर सम्बन्धित शीर्ष प्राधिकारीगण को ज्ञापन प्रेषित।  
* साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था ‘संभव’ के संस्थापक अध्यक्ष। संस्थापना-वर्ष 1980 से संस्था के तत्त्वावधान में अनेक प्रदेशीय और राष्ट्रीय कार्यक्रम सम्पन्न। अन्यान्य साहित्यिक, सांस्कृतिक संथाओं में सक्रिय सहभागिता।
* 1975-’80 जनपद फैजाबाद में अनेक सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय।
* सत्र 1982-’86 में ग्रामसभा बनगवाँ तिल्खी, विकासखण्ड बभनजोत, जनपद गोण्डा में ग्रामसभा के निर्वाचित ग्राम-प्रधान के रूप में अनेक विकासकार्य निष्पन्न। 
* 1985 से अद्यतन अधिवक्ता के रूप में श्रमिक कल्याण हेतु गरीब श्रमिकों के पक्ष में निःशुल्क अधिवक्ता-कार्य एवं परामर्श। 
* 1989 में जनसामान्य के कल्याण हेतु अधिवक्ता-हड़ताल जनपद फैजाबाद के विरुद्ध अभियान। प्रथमतः आलेख-प्रकाशन। तदन्तर स्थानीय दीवानी न्यायालय में ‘विजय रंजन आदि बनाम फैजाबाद बार एसोसिएशन एवं अन्य’ नाम्नी वाद संस्थित। न्यायालय से अन्तरिम निषेधाज्ञा आदेश वादीगण (विजय रंजन आदि) के पक्ष में पारित। 
* 2012 में ग्राम बनगवाँ निकट गौराचौकी जनपद गोण्डा एवं आस-पास के समग्र क्षेत्र के शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास हेतु न्यास ‘बाबू भैरवप्रसाद स्मारक न्यास’ का गठन। न्यास में निजी पैतृक सम्पत्तियों का विनिवेशन। न्यास का अद्यतन संचालन। गरीब छात्रों को निःशुल्क पुस्तक-वितरण। पूर्वजों के नाम पर शैक्षिक संस्थान की संस्थापना हेतु प्रयासरत।
* राष्ट्रवादी भारतीयतावादी साहित्य के समुचित प्रसार हेतु संगठन: ‘राष्ट्रवादी साहित्य, संस्कृति न्यास, अयोध्या’ का 2023 में गठन। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ‘अवध साहित्यिक महोत्सव’ हेतु विजय रंजन प्रयासरत।     
                     
वर्तमान पता    : संपादक ‘अवध-अर्चना’ त्रैमा॰/अधिवक्ता 
                 4/14/41 ए महताब बाग, अवधपुरी कालोनी, फेज-2 फैजाबाद-224001 अयोध्या (उ॰प्र॰)
स्थायी पता    :  ग्राम-पत्रालय: बनगवाँ (निकट गौरा चौकी), गोण्डा (उ॰प्र॰-भारत)              
सम्पर्क  सूत्र    :   दूरभाष संख्या: 09415056438, 08874830492, 
ई-मेल: ranjanvijay82@gmail.com
विशेष: 1. ब्लॉग www.awadharchanafaizabad.blogspot.com  में विजय रंजन के प्रकाशित कृतित्त्व का विवरण (ब्रोशर) एवं जीवनवृत्त से सम्बन्धित विस्तृत जानकारियाँ प्रमुख प्रमाणकों के साथ उपलब्ध।                       
               2. शैक्षिक प्रमाणपत्रों में विजय रंजन का मूल नाम ‘विजय प्रताप सिंह’ अंकित। कालान्तर में क्रमशः ‘विजय प्रताप सिंह रंजन’, ‘वी॰ पी॰ एस॰ रंजन’, ‘वी॰ पी॰ रंजन’ और अंततः ‘विजय रंजन’ के नाम से लेखन। विगत 35-40 वर्षों से ‘विजय रंजन’ नाम चर्चित।  

























































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